
Thirty And Flying
Pop, upbeat, bright, catchy chorus · 2:37
“A joyful birthday song for Emma, who loves travelling and strong coffee. She is turning 30. Make it bright and a little cheeky, and put her name in the chorus.”
ऐसा ही एक बनाएं
किसके जन्मदिन का गाना
जिन्होंने आपको लोरियाँ सुनाईं, अब उनके लिए एक गीत — उनका नाम, उनकी रसोई की ख़ुशबू और पूरे परिवार का प्यार, साफ़ और धीमी आवाज़ में।
यह गाना बनाएँपहला गाना मुफ़्त है — कार्ड की ज़रूरत नहीं।
दादी-नानी को किसी चीज़ की कमी नहीं — वे यही कहती हैं, हर साल। जो उन्हें सचमुच ख़ुश करता है, वह है यह जानना कि बच्चों को उनकी बातें याद हैं: रात को सुनाई गई राजा-रानी की कहानियाँ, अचार के मर्तबान, गर्मियों की छुट्टियों में सिर पर तेल की मालिश, और वह चुपके से दिया गया दस का नोट। एक गीत यह सब उन्हें लौटा देता है, उनके अपने नाम के साथ।
दादी या नानी के बारे में, उनकी आदतों और परिवार के बारे में लिखिए। AI बोल लिखता है, धुन बनाता है, असली आवाज़ में गाता है और कवर बनाता है, करीब एक मिनट में। जन्मदिन की पूजा या आरती के बाद, जब सब उनके पैर छू चुके हों, तब यह गीत बजाइए।

Pop, upbeat, bright, catchy chorus · 2:37
“A joyful birthday song for Emma, who loves travelling and strong coffee. She is turning 30. Make it bright and a little cheeky, and put her name in the chorus.”
ऐसा ही एक बनाएंपरिवार उन्हें क्या कहता है: “दादी”, “नानी”, “अम्मा”, “बीजी”, “आजी” — और उनका असली नाम भी, जो शायद ही कोई लेता है।
उनकी रसोई की पहचान: बेसन के लड्डू, आम का अचार, सर्दियों की गोंद वाली पंजीरी।
वे कहानियाँ और लोरियाँ जो उन्होंने सुनाईं, और उनका कोई मशहूर तकिया-कलाम।
उनका रोज़ का नियम: सुबह की पूजा, तुलसी को पानी, शाम का भजन या पसंदीदा धारावाहिक।
उन्होंने क्या-क्या झेला और बनाया — कम उम्र में बड़ा परिवार सँभालना, हर बच्चे की पढ़ाई पूरी करवाना, मुश्किल बरसों में भी किसी को भूखा न सोने देना।
सभी पोते-पोतियों और परपोतों के नाम, एक-एक पंक्ति में।
उनका आशीर्वाद, जो आप आज भी उनकी आवाज़ में सुनते हैं।
कमला दादी, तेरी गोदी में सारा बचपन सोया,
तेरे लड्डू, तेरी कहानी, हर ग़म तूने धोया,
आज तेरा दिन है अम्मा, घर में दीप जले,
सौ बरस तू मुस्काए, तेरा आँचल सिर पे रहे।
बुज़ुर्गों के लिए गीत बनाते समय कुछ बातें बहुत मायने रखती हैं।
बहुत-सी दादी-नानी की पहली भाषा हिंदी नहीं — पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, उर्दू या कोई और। अपनी मातृभाषा में अपना नाम सुनना उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव है।
गाना 40 से ज़्यादा भाषाओं में गाया जा सकता है, और गाने की भाषा आपके लिखने की भाषा से अलग हो सकती है। आप विवरण हिंदी में लिखिए और गाने की भाषा उनकी चुन लीजिए। अगर आपको उनकी बोली के कुछ शब्द या कोई पुरानी कहावत याद है, तो उसे विवरण में ज्यों का त्यों लिख दीजिए।
अगर परिवार में कोई उनकी भाषा जानता है, तो गाना बनने के बाद एक बार बोल उससे पढ़वा लीजिए — फिर पूरे भरोसे से बजाइए।
नाम, यादें, जैसा मूड आप चाहते हैं। जो चाहें छोड़ दीजिए।
बोल, धुन, आवाज़ और कवर आर्ट — सब आपके जवाबों के इर्द-गिर्द।
MP3 डाउनलोड कीजिए, लिंक शेयर कीजिए, या वहीं बजा दीजिए।
हाँ, अगर वह भाषा 40 से ज़्यादा उपलब्ध भाषाओं में है। विवरण आप हिंदी में लिख सकते हैं और गाने की भाषा अलग चुन सकते हैं।
गाना MP3 में डाउनलोड करके टीवी या स्पीकर पर बजाइए। सब्सक्रिप्शन के साथ आप पोस्टर या कार्ड भी छाप सकते हैं जिसके QR कोड से परिवार का कोई भी सदस्य बाद में गाना बजा सकता है।
हाँ, सबके नाम विवरण में लिखिए। अगर बहुत ज़्यादा नाम हैं, तो कहिए कि वे किसी एक अंतरे में गिनती की तरह आएँ — बच्चे अपना नाम सुनते ही चिल्लाएँगे।
सब्सक्रिप्शन के साथ हाँ — फ़ोटो जोड़िए, उसमें दिखने वाली बातें विवरण में लिखी जाती हैं। उन्हीं फ़ोटो से बोलों वाला स्लाइडशो वीडियो भी बन सकता है।
हाँ, विवरण में बताइए कि आप उन्हें नरमी से याद करना चाहते हैं — जैसे दादी के साथ उनकी कोई प्यारी याद। लिख दीजिए कि गीत उदास नहीं, आभार से भरा हो।
बताइए कि यह किसके लिए है और क्या हुआ। बाकी हम संभाल लेंगे।